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झारखंड सरकार की बड़ी योजना : सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना से बेटी को मिलेगा 40,000 रुपये तक का आर्थिक सहयोग! अभी करें आवेदन!

झारखंड सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के संकल्प को और मजबूत करते हुए सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना के तहत राज्य की लड़कियों को रोजगार और शिक्षा में सहायता प्रदान कर रही है। यह योजना कक्षा 8 से 12वीं तक की गरीब परिवारों की बेटियों के लिए विशेष रूप से लागू की गई है।

योजना का सीधा लाभ: अब हर बेटी को मिलेगा आर्थिक सहयोग

इस योजना के तहत किशोरियों को सालाना आर्थिक सहायता के रूप में सीधे उनके बैंक खाते में राशि भेजी जाती है। कक्षा 8वीं और 9वीं में पढ़ने वाली छात्राओं को 2,500 रुपये प्रति वर्ष मिलेंगे। वहीं, कक्षा 10वीं से 12वीं की छात्राओं को हर साल 5,000 रुपये की सहायता मिलती है।

इसके अलावा, जब छात्रा 18 वर्ष की हो जाती है, तो उसे एकमुश्त 20,000 रुपये की राशि भी दी जाती है, जिससे वह अपनी पढ़ाई या स्वरोजगार के लिए आगे बढ़ सके। कुल मिलाकर, एक लड़की इस योजना से पूरे शिक्षा काल में लगभग 40,000 रुपये तक की आर्थिक मदद प्राप्त करती है।

आवेदन कहां और कैसे करें?


आवेदन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से किए जा सकते हैं।
ऑनलाइन आवेदन के लिए आधिकारिक वेबसाइट http://savitribaipksy.jharkhand.gov.in पर जाएं।

वेबसाइट पर जाकर “Beneficiary Login” में जाकर “Register Now” पर क्लिक करें और अपना रजिस्ट्रेशन करें।

रजिस्ट्रेशन के बाद अपना मोबाइल नंबर और पासवर्ड डालकर लॉगिन करें।

लॉगिन करने के बाद “Apply Online” पर क्लिक करके फॉर्म भरें।

आवेदन फॉर्म के बाद जरूरी दस्तावेज अपलोड करें और फाइनल सबमिट करें।

आवेदन की पुष्टि मोबाइल पर संदेश के रूप में मिल जाती है।

ऑफलाइन आवेदन

आवेदन फॉर्म आप निकटतम आंगनवाड़ी केन्द्र, ब्लॉक ऑफिस या स्कूल के प्रिंसिपल से प्राप्त कर सकते हैं।
फॉर्म भरकर सभी आवश्यक दस्तावेज अटैच कर Child Development Project Officer के कार्यालय में जमा करें।
आवेदन की जांच के बाद पात्र आवेदकों को सीधे बैंक खाते में राशि भेजी जाती है।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

छात्रा का आधार कार्ड
जन्म प्रमाण पत्र
छात्रा का रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो
बैंक या पोस्ट ऑफिस पासबुक जिसमें छात्रा का नाम हो
स्कूल का अध्ययन प्रमाण पत्र (आईडी कार्ड या एडमिशन सर्टिफिकेट)
माता या पिता का आधार कार्ड (यदि माता उपलब्ध नहीं है तो पिता का)
आय प्रमाण पत्र (सेल्फ डिक्लरेशन)
अंतिम किस्त के लिए छात्रा का वोटर आईडी कार्ड (जब वह 18 वर्ष की हो जाए)
अपंगता प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
अनाथ छात्राओं के लिए संबंधित प्रमाण पत्र
माता का सेल्फ डिक्लरेशन

कौन है पात्र?

इस योजना का लाभ झारखंड राज्य की उन लड़कियों को मिलता है जो गरीबी रेखा के नीचे परिवारों से आती हैं। मुख्य पात्रता यह है कि माता-पिता सरकारी कर्मचारी, पेंशनभोगी या आयकरदाता न हों। छात्रा की उम्र 11 से 18 वर्ष तक होनी चाहिए और वह कक्षा 8वीं से 12वीं में नामांकित होनी चाहिए।

योजना से झारखंड की बेटियों का जीवन बदला

इस योजना के कारण हजारों बेटियां शिक्षा जारी रख रही हैं और आत्मनिर्भर बनने के मार्ग पर बढ़ रही हैं। सरकार की यह पहल न केवल पढ़ाई को बढ़ावा देती है बल्कि किशोरियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और सामाजिक स्थिति को भी बेहतर बनाती है।

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