कैंसर अस्पताल, अब सेमीकंडक्टर प्लांट की तैयारी..रतन टाटा के दिल के करीब क्यों है ये राज्य ?

दुनिया मे शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जो रतन टाटा को नहीं जानता होगा. उनकी ऐसी शख्शियत है की वो किसी के तारिफ की मोहताज नहीं. हाल ही में भारत सरकार ने सेमीकंडक्टर फैक्ट्री के 3 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है. इनमें टाटा के 2 प्रोजेक्ट हैं। इस बात का खुलासा तब हुआ जब असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा सेमीकंडक्टर कंपनी के सिलसिले में उनसे मिलने पहुंचे तो एक बार फिर से उनकी लेटेस्ट फोटो उनके फैंस के सामने आई. अपने आइडल को देखकर लोग गदगद हो गए.
टाटा ग्रुप ने असम में पहले कैंसर अस्पताल बनाने के लिए इंवेस्ट किया. अब वो असम में एक और बड़ा निवेश करने जा रहे हैं. असम के साथ उनका एक खास कनेक्शन सा बन गया.
रतन टाटा भले ही उम्रदराज हो गए हो, लेकिन बिजनेस में अभी भी सक्रिय है.कंपनी को कब-कहां और किसमें निवेश करना चाहिए रतन टाटा अच्छे से समझते हैं.
टाटा का सेमीकंडक्टर प्लांट
भारत सरकार ने हाल में सेमीकंडक्टर फैक्ट्री के 3 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है. इनमें टाटा के 2 प्रोजेक्ट हैं. टाटा समूह का पहला सेमीकंडक्टर प्लांट गुजरात के साणंद में शुरू किया जा रहा है. जबकि मार्केट दूसरा प्लांट असम में लग रहा है. असम में टाटा मोटर्स की फैक्ट्री पहले से मौजूद है. अब वहां टाटा सेमीकंडक्टर चिप फैक्ट्री लगा रहा है. इस मसले को लेकर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने रतन टाटा से मुलाकात भी की. इस मुलाकात पर रतन टाटा ने लिखा असम में जो निवेश किया था, उसने राज्य को कैंसर के इलाज में पारंगत बना दिया. अब असम सरकार और टाटा ग्रुप के साथ मिलकर सेमीकंडक्टर में बड़े खिलाड़ी बनेंगे. इससे असम को वैश्विक पहचान मिलेगी. उन्होंने असम की सरकार और मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया. बता दें कि टाटा का सेमीकंडक्टर प्लांट असम के मोरीगांव में लग रहा है.
