India के हाथ लगेगी बाजी ! Loksabha election openion poll ! Rahul Gandhi vs Narendra Modi
Loksabha elections:तीसरी बार में 400 पार यानी रिकॉर्ड बहुमत के साथ सत्ता में आने का दावा करने वाले बीजेपी की हालत दो चरणों में मातदान में ही खस्ता दिखाई दे रही है! 19 April को 102 सीटों पर हुई वोटिंग और उसके बाद 26 अप्रैल को 88 सीटों पर हुई वोटिंग के बाद जो खबरें सामने आ रही हैं, दोस्तों उनसे बीजेपी खेमे में चिंता बढ़ रही है जा रही है क्योंकि दोनों चरणों में वोट कर रहे हैं दोस्तों उनसे बीजेपी खेमे में चिंता बढ़ती जा रही है क्योंकि दोनों चरणों में वोटिंग का प्रतिषत पिछली बार यानी 2019 के मुकाबले कम रहा ख़ासकर उत्तर प्रदेश से बीजेपी के लिए अच्छी खबर तो बिल्कुल निकल नहीं आई है!जब इसी यूपी के दम पर बीजेपी दिल्ली में अपना दम दिखती रही है! बीजेपी का यूपी किला अब दहक रहा है तो ये तय मानिए तो देश के बाकी हिसों में भी हालात ऐसे ही हैं! यानि बीजेपी के लिए अच्छी खबर नहीं है !

गुजरात भी एक ऐसा ही राज्य है जहां बीजेपी के अलावा किसी और को जमने भी नहीं दिया कांग्रेस को भी समेट कर रख दिया मगर इस बार पुरूषोत्तम रूपाला को कहना पड़ रहा है कि मुझसे गलती हो गई इसकी सजा मोदी को मत दीजिए!मतलब अब जनता मोदी से भी नाराज है पुरूषोत्तम रूपाला के छतरियों के खिलाफ दिए गए बयान से गुजरात में बीजेपी के खिलाफ नाराजगी है बल्की इसका असर राजस्थान और यूपी में भी पड़ा है! प्रियंका गांधी ने शनिवार को गुजरात के वलसाड में एक जबरदस्त रेली की और इसमें एक नया अंदाज़ में मोदी को घेरा! और जनता जिस तरह से उनका साथ देती नजर, मैं जाहिर हो रहा हूं कि इस बार गुजरात में भी हवा बीजेपी यानी मोदी के पक्ष में नहीं है 19 तारीख के बाद से सियासत हालात एकादम बदल गए हैं और यही वजह है कि बीजेपी भी एक राजनीति पर टिक नहीं पा रही है बल्की बार-बार अपना स्टैंड बदल रही है मोदी ने काफी पहले से 40 बार की बात इस चुनाव में कहा शुरू कर दी थी लेकिन अब मोदी लोगों को बता रहे हैं कि अगर कांग्रेस सत्ता में आ गई तो क्या-क्या नुक्सान हो सकता है इसका मतलब यह है कि मोदी भी हवा के बदलते रूप को समझ गए हैं इसलिए उनकी भाषा उनके भासन और उनके भाव सब बदल गाई है प्रियंका गांधी ने बलसाड में कहा कि मोदी पर उमर का असर दिख रहा है और कहां देश के सबसे बड़े प्रधानमंत्री जो सबसे बड़ा पद ले रखें हैं देश में जिनके पास सबसे ज्यादा सत्ता है उसी पद की गरिमा को उस पद के गंभीरता को आधार बनाकर ऐसा बकवास कि बात आपके सामने कर रहा है !

मोदी के भाषण को सुनकर ये लग रहा है दोस्तों कि मोदी के आत्मविश्वास ख़त्म हो रहा है !अब सवाल है क्या है डगमगायक आत्मविश्वास या टूटे हुए आत्म विश्वास के साथ मोदी बीजेपी को निर्नायक बहुमत दिला पायेंगे! 10 साल सत्ता में गुजारने के बाद अब मोदी बीजेपी पर भर बन चुके हैं और शायद इस बार जनता बीजेपी का यह भार अब उतार देंगे! तो आज आइए दोस्तों आइने के नजरों से पड़ताल करेंगे दो चरणो के मातदान के बाद अब क्या होगा बीजेपी का हाल और यह भी समझेंगे कि क्या पहले दो चरणों में मिली निराशा के बाद चुनावी मैदान में मजबूती से उतर पायेंगी बीजेपी या तो बार मोदी गठबंधन के हाथ लगेगी बाजी लेकिन सबसे पहले देखते हैं कि इस चुनाव की शुरुआत में बीजेपी को कैसा लगा है तगादा झटका!19 अप्रैल को 21 राज्यों की 102 सीटों पर पहले चरण में वोट डाले गए थे और 19 तारीख के शाम से ही बीजेपी को इस बात का एहसास हो गया था कि

2014 और 2019 में जिस तरह मोदी लहर या मोदी जादू की बात होती थी अब दूर-दूर तक नहीं है इसके बाद दूसरे दौर में 88 सीटों पर वोट पड़े और इनमें भी बीजेपी के लिए निराशा का माहौल रहा क्योंकि पहले चरण के बाद दूसरे चरण में भी वोट का सम्मान गिर गया लोगों में बीजेपी को लेकर कोई उत्साह नहीं दिखा और अखिलेश यादव की मां ने यूपी में बीजेपी के स्थानिया नेता और कार्यकर्ता भी निराश रही, अखिलेश यादव ने कहा पहले दो चरणों में मातदान के बाद अगले चरणों में बीजेपी का हाल और बुरा होगा, अभी दो चरणों में बीजेपी को वोट नहीं मिला, अगले चरण में बूथ एजेंट तक नहीं मिलेंगे जनता ने भाजपा का बोरिया बिस्तार और झोला सब बांध दिया है दअरसल जनता को लगने लगा कि मोदी मुद्दों की बात ना करके केवल सांप्रदायिक भूमिकरण में लगे हैं, जबकी जनता 10 साल बाद अब मोदी से उम्मीद कर रही थी कि वह काई आर्थिक मुद्दा खासकर बेरोजगारी मैं और महंगाई पर कुछ तो कहेंगे,लेकिन हर साल 2 करोड़ रोजगार और खाते में 15 lakh डालने का वादा करने वाले मोदी या तो कांग्रेस के घोषना पत्र के बारे में लोगों को बता रहे हैं मैं और फिर कह रहे है कि एक मौका और दे दो तो मैं और ज्यादा मेहनत करूंगा और बड़े फैसला लूंगा ऐसा मोदी जी कहने लगे!





