Elon Musk India Visit: दुनिया के दिग्गज बिजनेसमैन और टेस्ला.. ट्विटर जैसी कंपनियों के मालिक एलन मस्क भारत आने वाले हैं. दुनियाभर की निगाहें इस दौरे पर होंगी. एलन मस्क पीएम मोदी से भी मुलाकात करेंगे. कहा जा रहा है कि इस दौरे पर कुछ बड़े ऐलान होने वाले हैं. लेकिन कुछ देशों को इस दौरे से जलन होने लगी है. कम से कम चीन को देखकर ऐसा ही लग रहा है. जबसे चीन ने ये सुना है तबसे चीन के सरकारी मीडिया ने भारत के बारे में उल्टे सीधे बयान देना शुरु कर दिया है. चीन खुद ही अपने एक्सपर्ट्स के वीडियो बनाकर पोस्ट कर रहा है. जिसमें दावे किये गये हैं कि भारत जाने से टेस्ला को फायदा नहीं होगा. चीन की इस घबराहट की पोल जानना जरूरी है.
सुत्रों ने चैनल को बताया कि एलन मस्क 21 अप्रैल और 22 अप्रैल को भारत में होगे और कार्टूनिस्टों के सीईओ और उनकी टीम के सरकारी अधिकारियों और बिजनेस बिजनेस से प्रधानमंत्री से मुलाकात करेंगे! अप्रैल में पीएम मोदी से मुलाकात के लिए आया हूं एलन मस्क ने 10 को एक मंच पर एक पोस्ट में कहा कि भारत में पीएम नरेंद्र मोदी से अप्रैल में मुलाकात के लिए आया हूं।
भारत में टेस्ला (Tesla) की एंट्री जल्द हो सकती है. रिपोर्ट्स का दावा कि टेस्ला कंपनी साल 2024 में ही भारत में अपना पहला प्लांट लगा सकती है. दुनिया की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी टेस्ला गांधीनगर में होने वाले वाइब्रेंट गुजरात समिट 2024 के दौरान इसका ऐलान कर सकती है. इस दौरान कंपनी के मालिक एलन मस्क (Elon Musk) मौजूद रह सकते हैं.
टेस्ला को लेकर सरकार का आया जवाब!
इधर, गुजरात सरकार के प्रवक्ता ऋषिकेश पटेल का कहना है कि एलान मस्क (Elon Musk) गुजरात आएंगे तो उनका भी पूरा सहयोग सरकार की ओर से मिलेगा. हालांकि अभी इसपर बातचीत जारी है और कुछ दिनों में इस पर ऐलान हो सकता है. उन्होंने कहा कि गुजरात में फोर्ड और Tata के भी प्लांट हैं, जिन्हें राज्य की ओर से पूरा सहयोग दिया जा रहा है.
चीन की घटिया कई वजहें हैं
असल में कुछ आंकड़े हैं जिनसे माध्यम से पता चलता है कि कैसे खिलौने ने चीन को इलेक्ट्रिक इलेक्ट्रिक ब्रांड बनाया और अब यही फॉर्मूला इंडिया में भी लागू हो सकता है। लेकिन अब चीन में अन्यत्र लेकर जाना है। हालाँकि अभी भी एलन मस्क भारत में नहीं हैं। उन्होंने यह घोषणा जरूर की कि वे जल्द ही भारत आने वाले हैं। इसके बाद स्टोक्स को लेकर भारत में कुछ बड़े लॉन्च होने वाले हैं।
टेस्ला का साथ काम करने का फ़ायदा
असल में चीन की कंपनी को टूर्नामेंट के साथ काम करने का फ़ायदा मिला। वहाँ के लोकेल दोस्तों के साथ मिलकर लॉबी ने अपनी गाड़ी का उत्पादन किया। इससे चीन की कंपनियों को सीधे अमेरिका की हाईलेवल की तकनीक मिल गई। जो चीन को तो कोई कंपनी नहीं. पर अब चीन के पास तकनीक है तो वो पीछे नहीं जाना चाहता। उसे लगता है कि कुछ भी कर लो. कोई भी प्रचार प्रसार दो. पर चुनौती को भारत जाने से रोक दो। चीन की सरकारी मीडिया ने नवजात शिशु को लेकर क्या कहा है? इस स्पेशल रिपोर्ट में हमने उनके प्रोपेगेंडा की हवा दी है.
एलन मस्क का पीएम मोदी के ट्वीट पर सामने आया चीन में प्रचार शुरू हो गया। ग्लोबल टाइम्स ने बाकायबाकी सुपरमार्केट्स को अपना नया नाम सामने रखा। चीन के इस बयान के पीछे साइंटिस्ट सच को शामिल करना जरूरी है
चीन के डर की वजह है खुद की दोस्ती कंपनी। जो भारत में अपना प्लांट लगा सकती है और कहीं न कहीं दुनिया के दूसरे देशों में भी पैशाचिक का फैसला हो सकता है। इलेक्ट्रिक ब्रांड्स को बनाने वाली कंपनी ने ऐलान कर दिया है कि वो अपनी टीम को इंडिया में ले जा रही हैं, ताकि वहां पर फैक्ट्री बनाने की जगह तय की जा सके, शायद ये कई हजार डॉलर का प्रोजेक्ट होगा।
आंखों पर नजर तो डालिए..
– साल 2001 में चीन में इलेक्ट्रिक इलेक्ट्रिक्स की बैटरी और मोटर पर रिसर्च की शुरुआत हुई थी
– लेकिन 15 साल बाद भी 2016 तक चीन इलेक्ट्रिक कारों के मामले में अमेरिका से पीछे रहा
– इसके बाद साल 2019 आया। तब चीन में खिलौने ने अपनी विशाल मॅसेली की शुरुआत की। कि एलबम के साथ मिलकर म्यूजिकल प्रोडक्शन का प्रोडक्शन शुरू किया गया। और इसका परिणाम आउटपुट वाला था
– 2021 में चीन में सिर्फ 13 लाख बिजली की खपत थी जो 2023 में 68 लाख तक बढ़ी। पांच गुना से भी ज्यादा का जंप मिला।
एप्पल ने चीन को बोला ‘टाटा’!
भारत में 14 विदेशी डॉलर के फोन बनाए गए
हर 7 में 1 फोन मेड इन इंडिया
2030 में हर 7 में 3 फ़ोन मेड इन इंडिया
फ़ोन उत्पादन2023 तक 7%
2024 में 14%
भारत में नौकरी5 लाख लोग